धामनोद में परीक्षा देने गए सिख छात्र की पगड़ी उतरवाई, केंद्राध्यक्ष समेत 3 शिक्षकों को हटाया

धार. धामनाेद में कक्षा 12वीं के पेपर देने गए सिख छात्र की पगड़ी उतरवाए जाने का मामला सामने आया है। मामला बीईओ के संज्ञान में आने के बाद केंद्राध्यक्ष समेत 3 शिक्षकों को हटा दिया गया है। छात्र का कहना है एग्जाम देने गया तो अचानक टीचर बोले- पगड़ी उतारना पड़ेगी। पगड़ी उतरवाकर चेकिंग की गई। मुझे अच्छा नहीं लगा। मामले में सिख समाज ने आपत्ति दर्ज करवाते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।


जानकारी के मुताबिक हरपल पिता करतार सिंह निवासी दूधी सरस्वती स्कूल में कक्षा 12वीं का छात्र है। सोमवार को कन्या हायर सेकंडरी स्कूल में हिंदी का पेपर था। सुबह 8.45 बजे परीक्षा देने पहुंचा। वहां मौजूद केंद्राध्यक्ष सुधा जैन, सहायक केंद्राध्यक्ष एमडी वर्मा, शिक्षक ममता चौरसिया ने हरपल को गेट पर ही रोक लिया और चेकिंग के नाम पर पगड़ी खुलवाई। छात्र ने कहा- यह गलत है। इस पर टीचर बोले- यह शासन के नियम हैं। पगड़ी खोलकर ही जांच की जाएगी। इसके बाद छात्र ने पगड़ी खोलकर दे दी। टीचर ने पगड़ी की जांच की और फिर छात्र को परीक्षा हॉल में जाने दिया।


दोषी शिक्षकों से माफीनामा लिखवाया जाएगा


बीईओ नीता श्रीवास्तव ने बताया कि धामनोद केंद्र पर ऐसी शिकायत मिली थी। मैंने तीनों शिक्षकों से व्यक्तिगत बात की और अधिकारियों को भी इस संबंध में अवगत कराया। प्रारंभिक रूप से शिक्षकों की गड़बड़ी सामने आई। इस पर तीनों शिक्षकों काे हटाने के आदेश दिए हैं। कल मैं खुद केंद्र पर जाऊंगी, अन्य स्टाफ से भी बात करूंगी। दोषी शिक्षकों से माफीनामा लिखवाया जाएगा और जांच में जो भी दोषी होगा, उस पर सख्त कार्रवाई होगी। इधर, डीईओ मंगलेश व्यास बोले- ऐसा कुछ हुआ है। मेरी जानकारी में नहीं है। आपने मामला संज्ञान में लाया है, इसकी जांच करवाता हूं।


विरोध किया तो नियम का हवाला दिया


सिख छात्र हरपलसिंह ने बताया कि जब वह परीक्षा देने गया तो नियमित चेकिंग के दौरान उसकी पगड़ी को खुलवाया गया, हालांकि मैंने इसका विरोध किया और कहा कि पग मत उतरवाओ ये मेरी शान है, लेकिन उन्होंने नियमों का हवाला देकर मेरी पगड़ी उतरवाई। मामले में सिख समाज ने आपत्ति दर्ज कराई है। समाज का कहना है कि यह गंभीर मामला है, इसे हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। केंद्राध्यक्ष ममता चौरसिया ने कहा कि मैंने सभी से माफी मांगी है, जो कुछ हुआ, अनजाने में हुआ।